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अधूरे ख्वाब

anurag Azamgarh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अधूरे ख्वाब हैं जिन्हें पूरा करना है,
        
                                                    
                            
गिरकर भी हर बार खुद को खड़ा करना है।
रास्ते मुश्किल हैं तो क्या हुआ,
मंज़िल तक हमें हर हाल में पहुँचना है।

जो छूट गया, उसका अफ़सोस नहीं,
जो बाकी है, उसे हासिल करना है।
वक़्त चाहे जितना इम्तिहान ले,
हमें अपने ख्वाबों के लिए लड़ना है।
23 घंटे पहले
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Ankit Kumar

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