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जीवन से किया मखौल है

ANURADHA TYAGI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समय का ऐसा मोड़ है,
        
                                                    
                            
बस रात-दिन की दौड़ है।
खुश रहनेे का समय नहीं है,
बस खुश दिखने की होड़ है।
मन में छिपी गहरी खोट है,
फिर भी शराफत की ओट है।
आत्मा टूटकर बिखर गई ,
शरीर ने पहना रेशम झोल है।
ये जीवन कोई जीवन नहीं,
जीवन से किया मखौल है।।
2 घंटे पहले
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