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राष्ट्रीय संस्कृति पर कविता

anuradha sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            संस्कारों से बंधी में संस्कृति मेरी पहचान है
        
                                                    
                            
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
शिष्टाचार और सभ्यता की यहां खान है
और आने वाला हर अतिथि भी यहां भगवान है
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
नहीं कोई भेदभाव किसी मैं
साथ साथ चलते हिंदू और मुसलमान हैं
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
नृत्य कला और संगीत का एक अलग ही नाम है
पूरा विश्व ही करता इसका गुणगान है
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
नदियों को भी मिलता मां जैसा सम्मान है
और हर घर में बसते यहां प्रभु श्रीराम है
वेद, उपनिषदों का भी यहां खूब विस्तार है
परंपराओं और मान्यताओं से बंधा यहां हर इंसान है
ऐसी पावन संस्कृति वर्णन कर पाना कहां आसान है
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है


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4 वर्ष पहले
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