विज्ञापन

शिक्षा का अनुकूल माहौल..

Anupama Thakur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिक्षा हो सबके लिए
        
                                                    
                            
तेरे मेरे जन -जन के लिए
जितना आवश्यक अन्न जीने के लिए
शिक्षा आवश्यक मनुष्य बनने के लिए
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार

होगा कुछ ऐसा नया चमत्कार
पाठ्यक्रम बनेगा सरल सरस और साकार
कुशलता उभरेगी की सभी की
होंगे नए-नए आविष्कार
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार

बाल दृष्टि भी पहुंचेगी अंतरिक्ष के पार
विचारों का मंथन होगा हर बार
शिक्षा रुपी सागर से निकलेगा
अनुपम ज्ञान का अमृत कलश इस बार
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार।

नरेंद्रजी का नेतृत्व और उनके सुविचार
शिक्षा में अवश्य लाएंगे नई क्रांति इस बार
छट जाएगा संपूर्ण अज्ञान का अंधकार
हर बालक होगा शिक्षित और समझदार
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार |
-अनुपमा ठाकुर
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10482 कविताएं

View Profile