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शिक्षा का अनुकूल माहौल..

                
                                                         
                            शिक्षा हो सबके लिए
                                                                 
                            
तेरे मेरे जन -जन के लिए
जितना आवश्यक अन्न जीने के लिए
शिक्षा आवश्यक मनुष्य बनने के लिए
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार

होगा कुछ ऐसा नया चमत्कार
पाठ्यक्रम बनेगा सरल सरस और साकार
कुशलता उभरेगी की सभी की
होंगे नए-नए आविष्कार
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार

बाल दृष्टि भी पहुंचेगी अंतरिक्ष के पार
विचारों का मंथन होगा हर बार
शिक्षा रुपी सागर से निकलेगा
अनुपम ज्ञान का अमृत कलश इस बार
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार।

नरेंद्रजी का नेतृत्व और उनके सुविचार
शिक्षा में अवश्य लाएंगे नई क्रांति इस बार
छट जाएगा संपूर्ण अज्ञान का अंधकार
हर बालक होगा शिक्षित और समझदार
न होगा कोई भी कुविचार
शिक्षा का हो ऐसा प्रचार प्रसार |
-अनुपमा ठाकुर
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3 वर्ष पहले

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