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कू-ए-यार में मर जाने का था

Anuj Subrat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कू-ए-यार में मर जाने का था
        
                                                    
                            
मसला तो यार इक दीवाने का था

महफ़िल में मैंने बहुत शोर किया
मामला अपना दर्द दिखाने का था

तमाम रात वो मेरी पनाह में रहा
सुबह को उसको घर जाने का था

इक रात ने ही तो तबाह किया ‘सुब्रत’
वरना ज़िंदगी को यूँ ही गुज़र जाने का था
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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