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(यह कैसा समय चल रहा है

Anubhav Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह कैसा समय चल रहा है,
        
                                                    
                            
लोग अपनी बातों से मुकर जाया करते हैं।
महफ़िल में बैठकर जिसकी बुराई किया करते हैं,
उसे ही सबसे पहले गले लगाया करते हैं।
एक हम हैं जो यह देख के परेशान हुआ करते हैं,
और एक वो हैं जो अपनी इस कला को बाख़ूबी निभाया करते हैं।
वैसे और गहराई से देखने पर यह पता चलता है,
कि इसी पैंतरेबाज़ी और दुनियादारी को ज़माना भी पसंद करता है।
मैं भी इसी भीड़ का हिस्सा बनूँ...
ऐसा मेरा मन कभी नहीं करता है।
2 घंटे पहले
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