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तालीम अब व्यापार है

Anoop Sonsi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तालीम अब व्यापार है,
        
                                                    
                            
हर ओर बस बाज़ार है।

कॉलेजों में भीड़ है,
छत्ता-सा हर द्वार है।

डिग्री लेकर क्या करें,
रोज़गार लाचार है।

फीसों का ही खेल है,
ज्ञान क्यों बीमार है?

भाषणों में तालीम है,
जेबों में व्यापार है।

ऊँची-ऊँची इमारतें,
खाली हर किरदार है।

'समर' सच बोलिए,
इल्म क्यों शर्मसार है?
3 महीने पहले
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