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और तो क्या ही देखा है (ग़ज़ल)

Anmol Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            और तो क्या ही देखा है
        
                                                    
                            
तेरा रस्ता ही देखा है

तेरे जलवे, तेरे सपने
मैने इतना ही देखा है

मैंने तो नींदों में खुद की
तेरा सपना ही देखा है

आंखों में मैंने तेरी
अपना चेहरा ही देखा है

मैंने तो तेरी गलियों में
खुद को भटका ही देखा है

तेरे दामन से हां अक्सर
दिल को अटका ही देखा है

मैंने तो ख्वाबों में अपने
तेरा पहरा ही देखा है।
-अनमोल
3 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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