कांटो से भी रिश्ता निभा कर जियो ,
जितना भी तुम जियो मुस्कुरा कर जियो,...
यूँ तो अपने दुखों को मिटाते हैं सब,
दुसरों के दुख तुम मिटा कर जियो...
जो यादें अभी तक ना ओझल हुईं,
वो यादें पुरानी भुला कर जियो..
यूँ अकेले ही खुशियां बिताते नहीं ,
दुसरो संग भी खुशियां बिता कर जियो...
गैरों संग तो बिताते हो हर रोज तुम ,
अपनो संग एक शाम बिता कर जियो ...
दोस्तों को गले तो लगाते हैं सब ,
दुश्मनो को गले भी लगा कर जियो....
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By Ankur yadav
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