मुझे शर्म आती है हम उस भारत के वासी हैं,
जहां उन्नाव बदायूं जैसी घटना सुनायी जाती है...
मासुम सी बच्ची नचाई जाती है...
खोखले इश्क की जिस्म हर रात सतायी जाती है..
आयाशी से नाराजगी पर जिंदा जिस्म जलाया जाता है..
मुझे शर्म आती है हम उस भारत के वासी हैं,
जहां वाकिफ मुद्दों से भटकाया जाता है...
सांसद मे पवित्र गौ मां को मुद्दा बनाया जाता है..
गरीब दलित किसानों को दबाया जाता है...
नौजवानो से पकौड़ा तलवाया जाता है...
मुद्दा उठाने वालों को नोटों से हराया जाता है..
मुझे शर्म आती है हम उस भारत के वासी हैं..
जहां तकनिकियों को भी धूल चटाया जाता है...
अखबारों को भी तरीकों से छपवाया जाता है...
मानवता को बेवजह गलत थहराया जाता है..
किस्मत को सिक्के उछाल दफनाया जाता है...
मुझे शर्म आती है हम उस भारत के वासी हैं....
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