जो हंसते हंसते फांसी पर झूल गए
उनको कैसे हम भूल गए?
जो जमीन पर रुखा सुखा खा कर सो गए
जो भारत मां के चरणों में सदा के लिए सो गए
जिन वीरों ने प्राण गंवाईं वतन के लिए
क्या किए हम उनके परिजनों के लिए?
उन वीरों को नमन
उन शहीदों को नमन
जिन्होंने बचाया वतन।
- सहज कुमार