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जो हंसते हंसते फांसी पर झूल गए

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो हंसते हंसते फांसी पर झूल गए
        
                                                    
                            
उनको कैसे हम भूल गए?
जो जमीन पर रुखा सुखा खा कर सो गए
जो भारत मां के चरणों में सदा के लिए सो गए
जिन वीरों ने प्राण गंवाईं वतन के लिए
क्या किए हम उनके परिजनों के लिए?
उन वीरों को नमन
उन शहीदों को नमन
जिन्होंने बचाया वतन।
- सहज कुमार
12 घंटे पहले
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