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तलवार धरूं

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्यारे स्वदेश तेरे लिए मैं क्या करूं?
        
                                                    
                            
खाली कैसे आऊं,क्यों न हाथों में तलवार धरूं?
हृदय में मां! मैं तेरी तस्वीर धरूं
खुद को वीर करूं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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