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स्वदेश को मैं छोड़ कर जाऊंगा नहीं

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            स्वदेश छोड़ कर मैं कहीं जाऊंगा नहीं
        
                                                    
                            
प्यार की पृष्ठभूमि भारत!भूलाऊंगा नहीं
भारत भूमि मेरी मां! मैं तुम्हें छोड़कर जाऊंगा नहीं
सूखी रूखी रोटी भी खा कर जी लूंगा
सम्मान से पानी प्यार का पी लूंगा
मैं मर जाऊंगा नहीं
स्वदेश में बसता प्राण मेरा, मैं परदेश जाऊंगा नहीं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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