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सुलग रही है आग

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुलग रही है आग
        
                                                    
                            
मेरे हृदय में हिंदुस्तान के लिए
सुलग रही है आग
मेरे हृदय में सर्वस्व दान के लिए
करुं तप त्याग
मैं प्यारे हिंदुस्तान के लिए
लगा दूं मैं आग
सारे जहान के लिए
बना दूं सबका भाग
विश्व महान के लिए
सुलग रही है आग
मेरे हृदय में हिंदुस्तान के लिए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
4 घंटे पहले
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