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सपनों को पंख दो

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बड़े सपनों को दो पर
        
                                                    
                            
मदद कर, निरंतर
तब तो छूएंगे सपने अंबर
भर कर उत्साह अपने अंदर
करो कर्म कि उछल जाए समंदर
हिल जाए अंबर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
6 घंटे पहले
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