उमड़ घुमड़ कर
उड़ उड़ कर
काले काले
बड़े दिल वाले
बादल आए
अंबर में छाए
पर बरस न पाए
बात क्या है?
घात क्या है?
हमसे बादल हुए नाराज
क्योंकि जंगल को काटे हम आज।
- सहज कुमार