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रुठे बादल

                
                                                         
                            उमड़ घुमड़ कर
                                                                 
                            
उड़ उड़ कर
काले काले
बड़े दिल वाले
बादल आए
अंबर में छाए
पर बरस न पाए
बात क्या है?
घात क्या है?
हमसे बादल हुए नाराज
क्योंकि जंगल को काटे हम आज।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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