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रेल भरल आईल

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रेल भरल आईल
        
                                                    
                            
पहिले से लोगवा बा कोचाईल
बात बईठे के छोड़ ना
खड़ा हो जा
बस इहे बहुत बा
लइका,लइकी,बबुआ,बबुनी
जवान बुढ़ा बुढ़ी
सीट के ढूंढ़ा ढूंढ़ी
हो हल्ला मचल बा
पूरा चहल-पहल बा
कसहूं खड़ा भईनी
तनी सुस्तइनी
इ ह बिहार
कर इहा विहार
मत कर झगड़ा मार
मत कर तकरार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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