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रावण दहन

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            असली रावण घूम रहा है बीच सड़क पर
        
                                                    
                            
नकली रावण को जला रहे हैं हम चौक पर
देख रहा है मन मेरा चौंक कर
अरे! हत्यारों
घुसखोरों
रंगदारों
देशद्रोहियों को चुन चुन कर
जला दो बीच सड़क पर
कुछ तो आएगा डर
उनमें जो अपराध कर
जेल से फरार हो कर
घूम रहे हैं बीच सड़क पर
बेखौफ होकर
ये कर रहे हैं मर्डर
ये असली रावण हैं घर घर में
हमारे परिवार और शहर में
कोई भाई बन कर
कोई चाचा बन कर
कोई मंत्री, नेता बन कर
बच जाता है
समाज नरक बन जाता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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