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वह पहुंचता लक्ष्य पर है।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रास्ता कठिन है
        
                                                    
                            
रात या दिन है
रास्ते में पत्थर हैं
रास्ता कष्टकर है
पर लक्ष्य पर नजर है
तो किस बात का डर है?
जो चलता निरंतर है
वह पहुंचता लक्ष्य पर है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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