विज्ञापन

पानी पवन

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिट्टी पानी पवन और आग न रहे
        
                                                    
                            
तो जीवन जग और आस न रहे
जिससे हम बने हैं
जिससे हम तने हैं
उसके बिना सब सूना सूना है
पानी पवन और आग से सुख बढ़ता दूना है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Adv DK Kanojiya

71 कविताएं

View Profile

Suresh Kumar

579 कविताएं

View Profile