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मुखिया चले कार से

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज एक मुखिया कार में चलता है
        
                                                    
                            
एक विधायक महंगी कार में चलता है
हमारे दूसरे प्रधानमंत्री का क्या हाल था
जिनका नाम लाल था,जो भारत मां का लाल था
जो नाटा था पर करता कमाल था
पास न एक कार थी,न एक घर था
पर व्यक्ति वह सबसे ताकतवर था
लाहौर तक जमीन जीत लिया
देश से कुछ नहीं लिया
दिल सबका वह जीत लिया
उसके शव का पोस्टमार्टम तक हमनें नहीं किया
जो स्वदेश हित सब कुछ किया
उसको दगा हमनें दिया
गंदी राजनीति ने निगल लिया
ऐसे देश भक्त को हमनें क्या दिया?
ऐसे ईमानदार को किसने धोखा दिया?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 सप्ताह पहले
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