संतों की कोई जाति नहीं होती
सज्जनों की कोई जाति नहीं होती
बस एक जाति
है मानव जाति
और बस एक धर्म
है मानव धर्म
बाकी सब छलावे हैं
बाकी झूठे दावे हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'