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कितना कुछ कर दो

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितना कुछ कर दो
        
                                                    
                            
शीष काट कर धर दो
कुछ लोग नहीं खुश होंगे
वे कभी नहीं संतुष्ट होंगे
वे हमेशा ही रुष्ट रहेंगे
क्योंकि काहिल हैं वे
क्योंकि जाहिल हैं वे
वे रखते बहुत बड़ी चाह है
पर वे पकड़ते गलत राह हैं।
- सहज कुमार
3 महीने पहले
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