विज्ञापन

खुश भी रहा करो

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुस्कुरा बहुत रहे हो
        
                                                    
                            
हंस भी बहुत रहे हो
खुश भी रहा करो
केवल मुस्कुराते ही न रहा करो।
- सहज कुमार
6 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Parul Bhaktani

1570 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10106 कविताएं

View Profile