कविता कहीं खो रही है
कविता कहीं रो रही है
कविता कहीं सो रही है
कविता के नाम पर तुकबंदी हो रही है
कविता कहीं खो रही है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'