कर्मठ इंसान
रहता जवान
बनता महान
रहता स्वस्थ
और मस्त
और व्यस्त
जो कर्मठता से कर्म करता है
वह भूखों नहीं कभी मरता है
एक दिन सब उसका सम्मान करता है
जो नहीं कभी डरता है
वही शासन करता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'