विज्ञापन

कर्मठ इंसान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            
कर्मठ इंसान
रहता जवान
बनता महान
रहता स्वस्थ
और मस्त
और व्यस्त
जो कर्मठता से कर्म करता है
वह भूखों नहीं कभी मरता है
एक दिन सब उसका सम्मान करता है
जो नहीं कभी डरता है
वही शासन करता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7417 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13199 कविताएं

View Profile