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जग को सुंदर बनाना है

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी कुछ पाना है
        
                                                    
                            
कभी कुछ गंवाना है
ऐसे जीवन बिताना है
पाकर नहीं इतराना है
खोकर नहीं निराशा लाना है
कभी पूर्णता को नहीं पाना है
है जीवन पुष्प सा
है जीवन बाग सा
कलियां आती हैं
कलियां खिल जाती हैं
एक दिन के लिए जग में सौंदर्य बिखराती है
अगले दिन सूख जाती हैं
पर सूखने पर शोक नहीं मनाती हैं
सारे संसार को सुंदर बनाना है
पर हमें नहीं पछताना है
पूरी कोशिश करके जाना है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
6 घंटे पहले
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