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जीत कर हम आएंगे

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कब तक डरेंगे?
        
                                                    
                            
कब तक मरेंगे?
जितना डरेंगे
उतना लोग डरायेंगे
जब अड़ेंगे
जब लड़ेंगे
तब शत्रु भाग जाएंगे
या तो वे टकराएंगे
जब वे टकराएंगे
तब हम स्वयं को
और उनको
तोल पाएंगे
या तो जीत कर आएंगे
या तो सीख कर आएंगे
तो ठीक यही है,लड़ने हम जाएंगे
और जीत कर हम आएंगे
तिरंगे को फहरा कर आएंगे
तिरंगे को लहरा कर आएंगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
18 घंटे पहले
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