जहां की धरती सोना उगले
उगले हीरे मोती,
उगले
जीवन ज्योति
जहां की धरती,
स्वर्ग से सुंदर,प्यारी
है वही धरती हमारी
कहते हम हिंदुस्तान हैं
जहां के लोग चरित्रवान हैं
जहां होता नित उत्थान है
जहां राजस्थान है
जहां गंगा यमुना का मैदान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'