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हिंदुस्तान जागेगा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करके हमारे देश के टुकड़े
        
                                                    
                            
वे मुस्कुरा कर चल दिए
बदल कर हमारे मुखड़े
वे दुम दबाकर चल दिए
किसको दोषी कहूं मैं?
किसको कहूं निर्दोष?
किसको संतोषी कहूं मैं
किस पर करूं रोष?
बड़े बड़े नेता आए
हमको राह दिखाए
खुद भटक कर चल दिए
हमारे हिंद को बांट कर चल दिए
हमारे वृहद देश को काट छांट कर चल दिए
पाक,तिब्बत,बंगलादेश
सब था हमारा हिंद देश
अफगानिस्तान,ब्लूचिस्तान
सब था हमारा हिंदुस्तान
बगल में जो नेपाल है
जहां चीन चलता चाल है
वह भी तो हमारा ही था
चमकता हमारा तारा ही था
ढेर सारे दीपों को बुझा कर चल दिए
उल्टा पुल्टा हमें समझा बुझा कर चल दिए
पुनः हमारा हिंदुस्तान जागेगा
कायरता को पूर्णतः त्यागेगा
हक छिन कर लेगा,कर नहीं पसारेगा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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