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गया की धरती

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फल्गु नदी के किनारे लगी भीड़ भारी
        
                                                    
                            
गया की धरती है बड़ी प्यारी
पितृ पक्ष मेला में,आई है जनता सारी
केवल हिंदुस्तान नहीं
बल्कि पूरी मही
यहां आज आई है
यहां मंगला गौरी माई हैं
पिंडदानियों के भीड़ आई है
इनसे धरती जगमगाई है
है यह ऐतिहासिक नगरी
है यह सांस्कृतिक नगरी
है यह आध्यात्मिक नगरी
है यह साहित्यिक नगरी
यही नगरी सिद्धार्थ को बुद्ध बनाई है
सिद्धार्थ को ज्ञान मिला जहां पर
सहज कुमार आए यहां पर
है यहां गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन
होता जहां साहित्य से साहित्यकारों का मिलन
आप भी आईए पीपल के छांव में
महात्मा बुद्ध के शीतल छांव में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
12 घंटे पहले
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