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गया की धरती

                
                                                         
                            फल्गु नदी के किनारे लगी भीड़ भारी
                                                                 
                            
गया की धरती है बड़ी प्यारी
पितृ पक्ष मेला में,आई है जनता सारी
केवल हिंदुस्तान नहीं
बल्कि पूरी मही
यहां आज आई है
यहां मंगला गौरी माई हैं
पिंडदानियों के भीड़ आई है
इनसे धरती जगमगाई है
है यह ऐतिहासिक नगरी
है यह सांस्कृतिक नगरी
है यह आध्यात्मिक नगरी
है यह साहित्यिक नगरी
यही नगरी सिद्धार्थ को बुद्ध बनाई है
सिद्धार्थ को ज्ञान मिला जहां पर
सहज कुमार आए यहां पर
है यहां गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन
होता जहां साहित्य से साहित्यकारों का मिलन
आप भी आईए पीपल के छांव में
महात्मा बुद्ध के शीतल छांव में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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