दुर्गा जी के गान गूंज रहे हैं गली गली
भक्ति की पावन पवन बहुत तेज चली
दस दिन तक दुर्गा जी रहेंगी विराजमान
हैं भक्ति के गीत गूंजायमान
भक्ति के गीत से गूंजेगा हिंदुस्तान
हिंद हमारा है धर्म परायण
यहां हैं वेद गीता रामायण
सभी ने दिया अपना अपना योगदान
सबके सहयोग से है पंडाल शोभायमान
है भक्ति में डूबे बच्चे बुढ़े और जवान
भक्तिमय हुआ है हमारा हिंदुस्तान
शांतिमय,शक्तिमय हुआ है हिंदुस्तान
यदि कोई विदेशी आज आएगा
दांतों तले उंगली दबाएगा
भक्ति भाव को वह समझ नहीं पाएगा
हमारा हिंदुस्तान है अनोखा देश प्यारा
ईश्वर उतरते हैं धरा पर जानता है हिंद हमारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'