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दो रोजगार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारा प्यारा बिहार
        
                                                    
                            
मांग रहा रोजगार
क्यों हैं हम बेरोजगार?
खोलो कारखाने हजार
दो सबको रोजगार
दो हर हाथ को काम
दो हर हाथ में दाम
रेल में खाएं धक्का मार
हम सहें अपमान बार बार
क्या नहीं हैं हम इंसान?
क्या हम नहीं हैं भगवान
के वीर संतान
बनाया जिसने जहान?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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