विज्ञापन

बेटियों का सम्मान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेटियां घर की शान हैं
        
                                                    
                            
बेटियां घर की सम्मान हैं
बेटियों को खूब पढ़ाओ
बेटियों को आगे बढ़ाओ
बेटा बेटी दोनों एक समान हैं
बेटे हैं अवनी,बेटियां आसमान हैं
बेटी लक्ष्मी समान हैं
बेटियां उड़ाती विमान हैं
बेटियां रखती घर की मान हैं
बेटियों के बिना घर सूना श्मशान है
बेटियां मां दुर्गा समान हैं
बेटियों को गर्भ में मारना हत्या समान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

416 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

637 कविताएं

View Profile