विज्ञापन

बड़ों का प्यार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुन कर बड़ों के डांट फटकार
        
                                                    
                            
खा कर गुरू जनों के डांट मार
हम बड़े हुए हैं
हम खड़े हुए हैं
माता पिता गुरु के डांट मार
में छुपा हुआ है पावन प्यार
है बड़ों के डांट मार
में आशीर्वाद
हुए हम आबाद
खा कर बड़ों के डांट फटकार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
13 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Dasani

15 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12768 कविताएं

View Profile

Shivendra Mishra

4 कविताएं

View Profile