यह अधूरी आजादी है
टुकड़ों में मिली आजादी है
तो कैसी यह आजादी है?
अखंड भारत जब बनेगा
आजादी दिवस तब मनेगा
बच्चे तरस रहे रोटी के लिए
और एक बसन के लिए
बड़े तरस रहे आजाद वतन के लिए।
- सहज कुमार