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अच्छे खासे रिश्ते

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अच्छे खासे रिश्ते होते हैं खराब
        
                                                    
                            
जब जब जगता है ताव
बदलता बर्ताव
आता अहं का भाव
चढ़ता है भाव
आता स्वार्थ का भाव
अपने जब देते हैं घाव
पुश्तैनी जमीन का लगता है भाव
छोटा भाई समझने लगता है अपने को तेज
लड़ने झगड़ने लगती है उसकी पत्नी बनती है तेज।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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