विज्ञापन

आत्म बलिदान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देकर स्वदेश हित आत्म बलिदान
        
                                                    
                            
काट कर शत्रुओं के कर कान
करके कुछ कर्म अभी और महान
दूंगा मैं अपने बाहुबल का पहचान
हूं मैं वीर बलवान राजपूत जवान
हूं मैं राणा चौहान शिवा की संतान
बनाऊंगा मैं विकसित हिंदुस्तान
देकर अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान
रच दूंगा मैं एक इतिहास महान
हूं मैं बागी बलिया का जवान
बढ़ाऊंगा मैं मां गंगा के मैदान
का आन बान शान
गाऊंगा गौरव गान
अपने प्यारे हिंदुस्तान का
और वीरों के राजस्थान का
हैं आसमान से ऊंचा स्वाभिमान
चाहिए नहीं मुझे भिक्षा दान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Sanjai kumar

103 कविताएं

View Profile