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आत्म बलिदान

                
                                                         
                            देकर स्वदेश हित आत्म बलिदान
                                                                 
                            
काट कर शत्रुओं के कर कान
करके कुछ कर्म अभी और महान
दूंगा मैं अपने बाहुबल का पहचान
हूं मैं वीर बलवान राजपूत जवान
हूं मैं राणा चौहान शिवा की संतान
बनाऊंगा मैं विकसित हिंदुस्तान
देकर अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान
रच दूंगा मैं एक इतिहास महान
हूं मैं बागी बलिया का जवान
बढ़ाऊंगा मैं मां गंगा के मैदान
का आन बान शान
गाऊंगा गौरव गान
अपने प्यारे हिंदुस्तान का
और वीरों के राजस्थान का
हैं आसमान से ऊंचा स्वाभिमान
चाहिए नहीं मुझे भिक्षा दान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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52 मिनट पहले

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