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कहा सुना जो कुछ भी हो

Anjani Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन के मैल को धो डालें
        
                                                    
                            
भूल हुई हो कोई हमसे

कहा सुना जो कुछ भी हो
,वो सारा मन से साफ़ करो,
जाने-अनजाने दुखाया हो दिल
,तो आज हमें तुम माफ़ करो।
क्रोध में आकर जो जंग लड़ी
,या बातों-बातों में बात बढ़ी,
उन कड़वी यादों को भूलकर अब,
रिश्तों में फिर से मिठास भरो।
,या मन में कोई मलाल रहा,
कहा-सुना जो कुछ भी हमने
उसका अगर दिल पर भार रहा,
उन सारे कटु अनुभवों को आज,
आओ मिलकर बिसराते हैं,
मिच्छामि दुक्कड़म कहकर हम,
रिश्तों को फिर से सजाते हैं
।अहंकार में आकर कभी,
जो अपनों का दिल तोड़ा हो
,क्रोध की बहती धारा में,
मुंह अपनों से ही मोड़ा हो
,वो रूठना और वो झगड़ना,
सब बीती बातें छोड़ें आज,
क्षमा-भाव को अपनाकर हम
,जीवन में भर लें नया साज़।
पवित्र मन से, झुके शीश से,
क्षमा की आज गुहार करें
,सुराना परिवार की ओर से,
सब पर स्नेह की बौछार करें,
मन में न बैर हो कोई,
न कोई गिला-शिकवा बाकी हो
,सच्चे जैन धर्म की यही सीख,कि हर आत्मा पावन-साफ़ हो।

 
4 घंटे पहले
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