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कहा सुना जो कुछ भी हो

                
                                                         
                            मन के मैल को धो डालें
                                                                 
                            
भूल हुई हो कोई हमसे

कहा सुना जो कुछ भी हो
,वो सारा मन से साफ़ करो,
जाने-अनजाने दुखाया हो दिल
,तो आज हमें तुम माफ़ करो।
क्रोध में आकर जो जंग लड़ी
,या बातों-बातों में बात बढ़ी,
उन कड़वी यादों को भूलकर अब,
रिश्तों में फिर से मिठास भरो।
,या मन में कोई मलाल रहा,
कहा-सुना जो कुछ भी हमने
उसका अगर दिल पर भार रहा,
उन सारे कटु अनुभवों को आज,
आओ मिलकर बिसराते हैं,
मिच्छामि दुक्कड़म कहकर हम,
रिश्तों को फिर से सजाते हैं
।अहंकार में आकर कभी,
जो अपनों का दिल तोड़ा हो
,क्रोध की बहती धारा में,
मुंह अपनों से ही मोड़ा हो
,वो रूठना और वो झगड़ना,
सब बीती बातें छोड़ें आज,
क्षमा-भाव को अपनाकर हम
,जीवन में भर लें नया साज़।
पवित्र मन से, झुके शीश से,
क्षमा की आज गुहार करें
,सुराना परिवार की ओर से,
सब पर स्नेह की बौछार करें,
मन में न बैर हो कोई,
न कोई गिला-शिकवा बाकी हो
,सच्चे जैन धर्म की यही सीख,कि हर आत्मा पावन-साफ़ हो।

 
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2 घंटे पहले

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