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हिन्द की पहचान हिंदी

Anita Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शब्द का सार्थक नियोजन, हिंद की पहचान हिंदी।
        
                                                    
                            
वर्ण की आभा निराली नौं रसों का भान हिंदी।।

दाँत उँगली भींच लेते, मुष्टिका को ठोंकते जो,
है शिकागो की सभा में, धर्मवेत्ता आन हिंदी।

देश अगणित बोलियों की, नेह शीतल छावनी है,
एकता के सुर मिलाती, वंदिता उनवान हिंदी।

श्रेष्ठ ऋषियों और मुनियों, ने निरंतर साधना की,
वेद मंत्रों ने बताया, बोधगम्या मान हिंदी।

द्रौपदी का चीर हरते, मोह की पट्टी सँभाले,
बढ़ गयी तब शीलता की, देव पोषित शान हिंदी।

हो रहा है युद्ध देखो, कब विधाता रोक पाए,
जो स्वयं थामे खड़े थे, साथ गीता ज्ञान हिंदी।।

हारती है देव सत्ता, जो लकीरों में लिखा है,
बाँचते है ब्रम्हज्ञानी, शब्द का संधान हिंदी।।

अनिता तिवारी "देविका"
बैकुंठपुर (छत्तीसगढ़)
3 वर्ष पहले
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