विज्ञापन

अभिमन्यु की जिज्ञासा

Anita Chechi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चक्रव्यूह में फंसा अभिमन्यु
        
                                                    
                            
हे केशव ! कुछ पूछ रहा
कौन है अपना कौन पराया,
ये कैसे जाना जाए?
क्या है सत्य क्या असत्य,
ये कैसे पहचाना जाए?
स्वजन ही जब घात लगाए
किसे अपना माना जाए?
भीष्म, द्रोण ही मौन खड़े हैं
रहस्य कैसे जाना जाए?
युद्ध उद्घोष की प्रतिध्वनि के,
स्वर को कैसे रोका जाए?
क्षत विक्षत हुईं आत्मा
जीवन कहा खोजा जाए।

हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Sarthak Piyush

28 कविताएं

View Profile

Nidhhi Mukesh

22 कविताएं

View Profile