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दिल पे जिसेको ले बैठे हो

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिन देखे अपने लगते हो
        
                                                    
                            
बातों से हमको छलते हो
कुछ अंदाज लगाता हूं मैं
चांद से क्यों इतना जलते हो
जिस दिन बात नहीं हो पाती
शायद हाथ मला करते हो
सूनी आखों से शायद तुम
दूर दूर देखा करते हो
लोगों से यह बात सुनी है
कोई रोग लगा बैठे हो
ऐसी कोई बात नहीं थी
दिल पे जिसेको ले बैठे हो
हमको तो ऐसा लगता है
इंसां तुम भी ठीक नहीं हो
एक महीने पहले
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