बस अपने को खोना था
बेहतर किसको होना था
इश्क की ऐसी बात ही थी
खाक था क्या क्या सोना था
उसको जी बहलाना था
दिल भी एक खिलौना था
करतूतें काली निकली
चेहरा सिर्फ सलोना था
जीकर हमने देख लिया
हंसना था या रोना था
हम पानी की खोज में थे
चेहरा हमको धोना था
सारी चादर मैली थी
पर उजला एक कोना था