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बहके बहके

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल भी उजाड़ सा खयाल भी बहके बहके
        
                                                    
                            
कोई पत्ता चला आता साथ दरिया के बह बहके
सभी खुशी की खोज में थे, ग़म उदास रहे
हमारे होते गए अपना मुझे कहते कहते
करिश्मा मुझमे था या था उसके होने में
वो मेरी खबर बहुत रखता है चुपके चुपके
रहा नहीं मुमकिन अब जिससे कभी मिलना भी
बिना दस्तक वो चल आता ,यादों में रह रहके
तकाजा था चले आते बिना कुछ बोले हम
गिरे अब सबकी नजरों से बहुत कुछ कह कहके
हमारी खुद से मुलाकात आज ऐसी हुई
खिला ये दिल मेरा मुरझाए फूल भी महके
बहुत आजिज है ये दुनिया न जाने क्यों हमसे
तराशे, ढाले गए हम तेवर तुम्हारे सह सहके
3 महीने पहले
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Manju Sharma

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