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बहके बहके

                
                                                         
                            दिल भी उजाड़ सा खयाल भी बहके बहके
                                                                 
                            
कोई पत्ता चला आता साथ दरिया के बह बहके
सभी खुशी की खोज में थे, ग़म उदास रहे
हमारे होते गए अपना मुझे कहते कहते
करिश्मा मुझमे था या था उसके होने में
वो मेरी खबर बहुत रखता है चुपके चुपके
रहा नहीं मुमकिन अब जिससे कभी मिलना भी
बिना दस्तक वो चल आता ,यादों में रह रहके
तकाजा था चले आते बिना कुछ बोले हम
गिरे अब सबकी नजरों से बहुत कुछ कह कहके
हमारी खुद से मुलाकात आज ऐसी हुई
खिला ये दिल मेरा मुरझाए फूल भी महके
बहुत आजिज है ये दुनिया न जाने क्यों हमसे
तराशे, ढाले गए हम तेवर तुम्हारे सह सहके
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3 महीने पहले

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